Daily Archives: July 17, 2008

वेद के सूक्तों का तात्त्विक रहस्य

वेद के सूक्तों का तात्त्विक रहस्य
‘सूक्त’ शब्द ‘सु’ उपसर्गपूर्वक ‘वच्’ धातु से ‘क्त’ प्रत्यय करने पर व्याकृत होता है। ‘सूक्त’ शब्द का अभिप्राय है- ‘अच्छी रीति से कहा हुआ’। जो वेदमन्त्र समूह एकदैवत्य और एकार्थ-प्रतिपादक हो, उसे ‘सूक्त’ कहा जाता है। बृहद्देवता में सूक्त शब्द का निर्वचन इस प्रकार किया गया है-’सम्पूर्णं ऋषिवाक्यं तु सूक्तामित्यभिधीयते’ [...]