Daily Archives: October 11, 2008

सर्वापत्ति-निवारक हनुमान-स्तुति

सर्वापत्ति-निवारक हनुमान-स्तुति
१॰ ॐ सीता-राम जानत हों, सीता-राम मानत हों।
सीता-राम पूजत, जपत सीता-राम हों।
सीता-राम सों बसै प्राण, ध्यान धरत सीता-राम अभिराम हों।
सीता-राम तेरे मन की कल्प-तरु, सीता-राम सों सनेह, सीता-राम को गुलाम हों।
शिखा वज्र, नयन वज्र, तेरो मुख-दन्त वज्र, छाती-भुज पिंग-वज्र।
लाल-लाल दन्त हैं, काया लाल, ग्रीवा लाल, वसन लंगुर लाल, असन-अधर लाल, लालैं हनुमन्त हैं।
मुकुट लाल, [...]