कवच के प्रयोग
तन्त्रों में कवच पाठ की कुछ विशिष्ट विधीयाँ भी उपलब्ध है। यथा-
॰ प्रातः, मध्याह्न एवं सायं – तीनों सन्ध्याओं में कवच का पाठ करने से शीघ्र सिद्धि सुलभ होती है।
॰ “गुरु” की पूजा कर तीन बार या एक बार ज्ञान-सहित कवच का पाठ करे। इस प्रकार नित्य पाठ करने से पाठ-कर्त्ता सभी सिद्धियों [...]
शान्ति मन्त्र
ॐ द्यौ: शान्तिरन्तरिक्षँ शान्ति: पृथिवी शान्तिराप: शान्तिरोषधय: शान्ति: । वनस्पतये: शान्तिर्विश्वे देवा: शान्तिर्ब्रह्म शान्ति: सर्वँ शान्ति: शान्तिरेव शान्ति: सा मा शान्तिरेधि ॥ ॐ शान्ति: शान्ति: शान्ति: ॥Pages
Visitors to this site
-
Blog Stats
- 72,789 hits
Archives
- November 2009 (2)
- October 2009 (1)
- July 2009 (3)
- May 2009 (1)
- April 2009 (8)
- March 2009 (3)
- February 2009 (1)
- January 2009 (1)
- October 2008 (8)
- September 2008 (5)
- August 2008 (9)
- July 2008 (4)
- June 2008 (1)
- May 2008 (1)
-
Recent Comments
- pradeep on हस्तरेखा और आर्थिक सम्पन्नता
- Akshay Singh on देवी कवच-devi kavach
- Akshay Singh on देवी कवच-devi kavach
- Suresh Raikwar on history of pundir- पुण्डीर
- pratibha singh on history of pundir- पुण्डीर
-
Top Clicks
Feed
-
Flickr Photos





More Photos -


